कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| कसे वर्ष गेले हरवून ...!!! | प्रकाश१११ | 2 | |
| पाउलखुणा | गणेशा | 2 | |
| लतादेवीची आरती | JAGOMOHANPYARE | 2 | |
| अर्धवट | विश्वेश | 2 | |
| किती सांगू मी आनंद झाला- | विदेश | 2 | |
| ..गंधमुग्ध | जाई अस्सल कोल्हापुरी | 9 | |
| महाराष्ट्र्गीत | पिनुपवार | 5 | |
| नवे साल गाणे जुने गात आहे... | मयुरेश साने | 2 | |
| अबोला गाजला होता..... | मयुरेश साने | 5 | |
| नूतन वर्षाच्या शुभेच्छांसाठी | भाववेडा | 2 | |
| नुतनवर्षास.... | गंगाधर मुटे | 1 | |
| आरती गुरूदत्ताची | पाषाणभेद | 2 | |
| चारोळी : नव्या वर्षाचा नवा थाट!! | निमिष सोनार | 2 | |
| नुसतेच ! | विश्वेश | 3 | |
| कडेलोट ! | विश्वेश | 1 | |
| लाखाचा असो वा कोटीचा, तुमचे आमचे सेम असते.......... | अमोल देशमुख | 7 | |
| कधीही काहीही होऊ शकते ..!! | प्रकाश१११ | 3 | |
| मतिमंद | तिमा | 1 | |
| शेतकरी गीतः आम्ही शेतात कसणारे शेतकरी | पाषाणभेद | 2 | |
| किशन बिहारी नुर....३ ( रोमेंटीक ) | अश्फाक | 4 |