कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| रितेपण | जयवी | 7 | |
| अमुची चिमुकली गादी | श्रीकृष्ण सामंत | 4 | |
| अज्जे अज्जे ऐक जरा.. | स्वाती फडणीस | 4 | |
| येऊ तशी कशी मी फारीनला? | पिवळा डांबिस | 25 | |
| पहिली रात (धुवांधार द्वंद्व) | केशवटुकार | 16 | |
| पहिली रात (देवद्वार) | रामजी | 4 | |
| मी परत एकदा | द्विज | 6 | |
| कडुलींब (देवद्वार छंद) | दत्ता काळे | 4 | |
| गारवा (देवद्वार छंद) | चन्द्रशेखर गोखले | 5 | |
| समुद्र... | veebee009 | 4 | |
| निरगाठी... | नीधप | 9 | |
| माय मराठी | veebee009 | 2 | |
| स्फोटात फाटलेले डबे | ग्रीष्म | 1 | |
| पाण्याच्या थेंबासाठी | सुवर्णमयी | 15 | |
| तरी हरकत नाही. | श्रीकृष्ण सामंत | 5 | |
| देवद्वारी (देवद्वार छंद) | लिखाळ | 3 | |
| प्रभात राग रंगती... | विसोबा खेचर | 18 | |
| (अष्टाक्षरी छंद) | मनीषा | 5 | |
| वसंत (पादाकुलक) | चेतन | 1 | |
| पाउस | ब्रिटिश | 16 |