कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| अनुष्टुभ छंद - विस्तारीत अष्टाक्षर बांधणी | बेसनलाडू | 24 | |
| तुलना ( अष्टाक्षरी) | कपिल काळे | 4 | |
| (धोरण) देवद्वार छंद | चेतन | 0 | |
| आठवण (देवद्वार छंद) | चेतन | 2 | |
| मिसळपाव काव्यकट्टा - काव्यस्पर्धा नोव्हेंबर २००८ - अभिप्राय | धोंडोपंत | 2 | |
| मिसळपाव काव्यकट्टा - काव्यस्पर्धा नोव्हेंबर २००८ | धोंडोपंत | 20 | |
| देवद्वार छंद | धोंडोपंत | 38 | |
| आमची बायको कुत्रा पाळते | अरुण मनोहर | 4 | |
| बरेच काही..! | उपटसुंभ | 4 | |
| (चकणा ) | अमोल केळकर | 0 | |
| वसुली | श्रीकृष्ण सामंत | 4 | |
| हा स्पंद फुलण्याचा | दत्ता काळे | 6 | |
| खपली | भास्कर केन्डे | 5 | |
| माझी विठ्ठल माऊली.. | राघव | 7 | |
| काळ्या पिशवीत पिशवीत | मूखदूर्बळ | 7 | |
| अर्थ काय ह्याचा? | अरुण मनोहर | 5 | |
| फुलपाखरु | अरुण मनोहर | 16 | |
| उद्वेग विसरून कसं चालेल? | श्रीकृष्ण सामंत | 25 | |
| (होता खमंग, होता चकणाहि खास बाकी) | चतुरंग | 16 | |
| येथे..! | उपटसुंभ | 7 |