कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| गलबत किना-याकडे... | फटू | 8 | |
| स्मरण! | पिवळा डांबिस | 25 | |
| आत्मसमर्पण | चन्द्रशेखर गोखले | 10 | |
| पाऊस | अनिरुध्द | 3 | |
| श्राद्ध | चन्द्रशेखर गोखले | 7 | |
| (कविता म्हणजे रे काय?........ भाऊ ) | फटू | 2 | |
| ..बाकी खरंच काही नाही | पद्मश्री चित्रे | 22 | |
| काळ थांबला कधीचा... | राघव | 14 | |
| * महामानव गांधी* | अनिरुद्धशेटे | 12 | |
| म्रुगजल | सचिन जाधव | 0 | |
| गांधी जयंति निमित्ताने (आम्हि कपाळ करंटे महात्माजींची क्षमा मागतो) | चन्द्रशेखर गोखले | 3 | |
| अन परतवून टाक त्या आठवणी | श्रीकृष्ण सामंत | 13 | |
| बुद्धिबळाच्या युद्धपटावर! | सचिन जाधव | 4 | |
| ओढ परतीची | अनिरुध्द | 7 | |
| थिजली गात्रं (आणि विवाद) | चतुरंग | 34 | |
| कोण खरी | निखिलचं शाईपेन | 17 | |
| भेसूर रात्र (आणि आस्वाद) | लिखाळ | 55 | |
| बंदिनी | जयवी | 6 | |
| स्वप्नसुंदरी | अनिरुद्धशेटे | 2 | |
| चल ग सजणे | विनायक प्रभू | 24 |