कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| आकाश-जमीन | अमोल केळकर | 5 | |
| चारोळ्यांचा चखणा | अरुण मनोहर | 8 | |
| कुणी बेभान म्हणतं मला... | फटू | 2 | |
| कका ची बाराखडी (भारूड) | अरुण मनोहर | 2 | |
| निरर्थक... | अजय जोशी | 11 | |
| ऋण मातीचे.. | राघव | 13 | |
| (प्रवाह) | बिनडोक बनी | 8 | |
| प्रवाह | आर्यचाणक्य | 3 | |
| मीही एक मृगजळ | गिरीराज | 3 | |
| आठवण.... | सौरभ वैशंपायन | 8 | |
| (करमणूक) | चतुरंग | 15 | |
| आत्मक्लेश | नंदकिशोर साळ्वे | 2 | |
| राख..... | किरण मल्लाव | 2 | |
| तूझे येणे....... | नीता | 2 | |
| कधी रे येशील तू... अनामिका.... | मृगनयनी | 9 | |
| श्यामसखा. | सौरभ वैशंपायन | 5 | |
| बाप्पा मोरया.. | स्वाती फडणीस | 1 | |
| (म्हातारचळ म्हातारचळ) | चतुरंग | 31 | |
| दूर पळ दूर पळ | अनिरुद्ध अभ्यंकर | 11 | |
| डाव वेळेने साधला | श्रीकृष्ण सामंत | 2 |