कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
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| उजाडताना उल्कांचे व्रण | अनन्त्_यात्री | 2 | |
| आंबराई | चांदणशेला | 0 | |
| जरी अज्ञात देशाचा | अनन्त्_यात्री | 9 | |
| आज पांडव पंचमीच्या निमित्ताने केलेली कविता ... | वैभवदातार | 5 | |
| शिवार | चांदणशेला | 1 | |
| हे सव्यसाची, | अनन्त्_यात्री | 2 | |
| नवीन आहे | आगाऊ म्हादया...... | 5 | |
| वाटते आज | shrivallabh Panchpor | 5 | |
| दिवाळी कविता | वैभवदातार | 0 | |
| तू माझा? | ज्योति अळवणी | 6 | |
| नशिब | mr.pandit | 0 | |
| मेरे हर दर्द को मेहसूस किया है मैंने.. .. | Swapnaa | 1 | |
| फुतूर (खूळ) | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 18 | |
| वसुबारसेनिमित्त मी केलेली कविता... | वैभवदातार | 10 | |
| आज गुरुद्वादशी निमित्त मी केलेली कविता ... | वैभवदातार | 2 | |
| मद्यचषक१ | चामुंडराय | 0 | |
| प्रशांत दामले यांच्यावर केलेली कविता .. | वैभवदातार | 7 | |
| नवी मैत्री | तृप्ति २३ | 0 | |
| सख्या कशी कुठून रोज काढतोस भांडणे | आनन्दा | 1 | |
| खरं खरं सांगा | चुकलामाकला | 17 |