कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| अत्तर | शिव कन्या | 3 | |
| नेत्र न कोई | दिपक लोखंडे | 0 | |
| भेट पावसाची.. | दिपक लोखंडे | 0 | |
| घननीळ वाजवी बासरी | अनन्त्_यात्री | 0 | |
| विद्यार्थ्यांनो... | पुंबा | 14 | |
| बोलशील तर मरशील... | शिव कन्या | 79 | |
| वस्तरा हरवला आहे म्हणून | जव्हेरगंज | 11 | |
| मेंदुला दुखापत | रानरेडा | 20 | |
| पंख पसरून उडणारी डुकरे | रानरेडा | 12 | |
| ओळख | अमित रेडीज | 0 | |
| मी शोधात आहे अशा कवितेच्या, | अनन्त्_यात्री | 4 | |
| प्रतिसादांचा महामेरू । सकल फेक-आयडीस आधारू । अखंड जिल्बिचा निर्धारु । श्रीमंत डूआयडी ।। | चामुंडराय | 27 | |
| माझं मला | ज्योति अळवणी | 5 | |
| (महाग्रु) | ज्ञानोबाचे पैजार | 16 | |
| मोरया | रवि बदलापूरेकर | 1 | |
| श्री वडा-पाव स्तोत्र | चामुंडराय | 1 | |
| आवेग | अमित रेडीज | 0 | |
| माजलेल्या बाबाची कहाणी | बाजीप्रभू | 3 | |
| आठवणी.... | एकप्रवासी | 2 | |
| तू | अमित रेडीज | 2 |