कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| तरही गज़ल : या दिशेला एकदाही यायचे नव्हते मला | विशाल कुलकर्णी | 19 | |
| प्रश्न साधासाच होता... | प्राची अश्विनी | 16 | |
| अभिजात(चारोळी) | पराग देशमुख | 3 | |
| तो,ती आणि अबोल प्रेम | mr.pandit | 2 | |
| प्रीती तुझ्यावरी पण... | अत्रुप्त आत्मा | 20 | |
| उरणार ना उद्या ते, जे सत्य काल होते | विशाल कुलकर्णी | 28 | |
| तुझ्या नाजूक ओठांनी... | सत्यजित... | 11 | |
| प्रदूषण क्षणिका (३) - वारे - पूर्वी आणि आता | विवेकपटाईत | 1 | |
| अंधार काठ | चांदणशेला | 7 | |
| प्रदूषण कविता(2)- जिन्न आणि अल्लादीन | विवेकपटाईत | 1 | |
| प्रदूषण- पाऊस (१) - भूत आणि वर्तमान | विवेकपटाईत | 0 | |
| इतिहासाचं वर्तमान | अनन्त्_यात्री | 5 | |
| प्रवास | पाषाणभेद | 0 | |
| अ क्लोथलाईन. | प्राची अश्विनी | 33 | |
| (खुरपणी) | ज्ञानोबाचे पैजार | 15 | |
| लावणी | वैभवदातार | 23 | |
| प्रिय वेगवान गोलंदाजास - | जे.पी.मॉर्गन | 8 | |
| गडद | समयांत | 4 | |
| एका अनावर कैफात | अनन्त्_यात्री | 24 | |
| नृसिंह सरस्वती स्वामी आरती | वैभवदातार | 12 |