कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| ती पहाट ओली(झालेली! ;) ) | अत्रुप्त आत्मा | 36 | |
| शून्याची महती | खिलजि | 2 | |
| आणखी अपहरणे | माहितगार | 2 | |
| अपहरण | माहितगार | 2 | |
| यारहो ... | विशाल कुलकर्णी | 19 | |
| आठवणींचा कप्पा म्हणजे... | सत्यजित... | 16 | |
| निरगाठ गहनाची | अनन्त्_यात्री | 0 | |
| जातस त जाय | स्वामी संकेतानंद | 13 | |
| कशी वाटली आमची दहा बाय दहा ? | खिलजि | 9 | |
| प्रेम रंग | तृप्ति २३ | 16 | |
| तहान.. | अत्रुप्त आत्मा | 7 | |
| आठवण | सुमित_सौन्देकर | 1 | |
| घरी कधी जायचं? | चांदणे संदीप | 27 | |
| कल्लोळती रंगरेषा | अनन्त्_यात्री | 11 | |
| पुतळा म्हणजे.... | प्राची अश्विनी | 50 | |
| सातोरी | अनन्त्_यात्री | 2 | |
| लग्नानंतरची गुरुकिल्ली | खिलजि | 0 | |
| मी तृषार्त भटकत असता | अनन्त्_यात्री | 17 | |
| सप्तश्रृंगी देवी | पाषाणभेद | 9 | |
| तू पहाट ओली | परशुराम सोंडगे | 8 |