कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| हे ही खरंय ! | फिझा | 6 | |
| कधी हसणे,कधी रुसणे... | सत्यजित... | 0 | |
| सलमान भाईचे तुरुंगातील गाणे | मूखदूर्बळ | 4 | |
| हाॅकिंगे जे प्रेडिक्टले | अनन्त्_यात्री | 8 | |
| देहाचे भाषांतर | शिव कन्या | 4 | |
| गुंतवणूक | हणमंतअण्णा शंकराप्पा रावळगुंडवाडीकर | 8 | |
| II तिने पेन मागितलं, मी हात दिला II | खिलजि | 19 | |
| रानवारा... | विशुमित | 2 | |
| असा पिझ्झा बेस द्या मज आणुनि सजविन मी जो चीझ टॉपिंगज् ने | चामुंडराय | 6 | |
| लेक... | विशाल कुलकर्णी | 9 | |
| वादळ | चांदणशेला | 0 | |
| गणपत वाणी, सतत मागणी | शिव कन्या | 11 | |
| घुंगरू | Jayant Naik | 3 | |
| कोवळे काही ऋतू... | सत्यजित... | 7 | |
| लग्नाआधी लिटमसची चाचणी करून घ्यावी | खिलजि | 3 | |
| ...... कशाला ? | विशाल कुलकर्णी | 10 | |
| (बार हो) | प्रसाद गोडबोले | 14 | |
| इंद्रधनुष्य | चुकार | 0 | |
| प्रेमाचा डाव बघता बघता उधळला | खिलजि | 4 | |
| एक गाणे दूरवरुनी | अनन्त्_यात्री | 10 |