कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| त्या एका पावसात... | प्रसाद_कुलकर्णी | 5 | |
| आता तुझ्यावर लिहायचं म्हटलं... | वटवट | 21 | |
| तू... | कवि मानव | 8 | |
| नव्या युगाची पहाट | राजेंद्र देवी | 0 | |
| !! रावणामुळे दिवाळी !! | कवि मानव | 8 | |
| झड श्रावणाची | राजेंद्र देवी | 2 | |
| !! सैनिक मरतो देश राहतो !! | कवि मानव | 11 | |
| मी ..... कोण ? | फिझा | 10 | |
| सुगंधसय | पिशी अबोली | 16 | |
| सगळं कस साधं सोप्प | अबोली२१५ | 1 | |
| श्रावण... | राजेंद्र देवी | 0 | |
| मनाचा एकांत - काळे पाणी | शिव कन्या | 6 | |
| साक्षीदार ....... ! | फिझा | 4 | |
| काजळरेषा | राजेंद्र देवी | 4 | |
| शब्द | अश्विनी वैद्य | 2 | |
| खरा खुरा रंगमंच ..... ! | फिझा | 3 | |
| ठिकरी | राजेंद्र देवी | 0 | |
| " कृष्णाकडे असतील का उत्तरे ???....... " | फिझा | 9 | |
| व्यथा | राजेंद्र देवी | 2 | |
| मी एक ढग - एकटाच ...... !!! | फिझा | 1 |