कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| दिशा | राजेंद्र देवी | 1 | |
| मनाचा एकांत - cursor च्या सुईने | शिव कन्या | 12 | |
| श्रावणभुल | राजेंद्र देवी | 6 | |
| आठवणींचा वसंत | राजेंद्र देवी | 2 | |
| व्यक्त न मी कुणास, तुज उमजेन का तरी | निनाव | 10 | |
| कामगार.... | राजेंद्र देवी | 2 | |
| मनात असावा सतत श्रावण.... | राजेंद्र देवी | 0 | |
| रहाटगाडगं. | अत्रुप्त आत्मा | 9 | |
| गौराई... | राजेंद्र देवी | 3 | |
| पुणेकरांचा मिपा च्या वर्धापन निमित्त शुभेच्छांचा वर्षाव | वाल्मिक | 3 | |
| आता मला वाटते भिती | राजेंद्र देवी | 3 | |
| आता मला वाटते भिती | राजेंद्र देवी | 0 | |
| एकेकाचे जगणे | पथिक | 7 | |
| रात्रीस खेळ चाले.... | राजेंद्र देवी | 12 | |
| जाणिवांच्या जखमा | महेश रा. कोळी | 6 | |
| गुडगांव | स्वामी संकेतानंद | 20 | |
| गुडगांव | स्वामी संकेतानंद | 4 | |
| मी एकटी .... | राजेंद्र देवी | 6 | |
| यार देवदार | पथिक | 7 | |
| हे बुद्धिच्या ईशा | फुंटी | 2 |