कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| बुधवारची कविता: (दु:ख) | llपुण्याचे पेशवेll | 45 | |
| (कवी) | चेतन | 4 | |
| [[मुक्तिदाता]] | अमृतांजन | 0 | |
| आठवण | नेहमी आनंदी | 1 | |
| लोटांगण | विशाल कुलकर्णी | 3 | |
| दु:ख | सुवर्णमयी | 11 | |
| आठवतात का ते क्षण तुला? | झंडुबाम | 7 | |
| वाट पाहतोय | फ्रॅक्चर बंड्या | 4 | |
| ऋतूचक्र | वाचक | 1 | |
| सुरवंट | कौतुक शिरोडकर | 2 | |
| (मुक्तिदाता) | चेतन | 2 | |
| मुक्तिदाता | श्रावण मोडक | 14 | |
| (गुलमोहोर) | चेतन | 2 | |
| जखमि चित्रबलाकाचे पसायदान | ज्ञानोबाचे पैजार | 0 | |
| गुलमोहोर | नेहमी आनंदी | 1 | |
| (बलुतं) | चेतन | 4 | |
| कलावंताच्या कौतुकाच्या तर्कशास्त्राचे त्रैराशिक | शरदिनी | 57 | |
| <काहीच्या काही ...> अर्थातच कैच्या कै | प्रभो | 5 | |
| हापिसातली कविता | विजुभाऊ | 25 | |
| इशारा | कौतुक शिरोडकर | 0 |