कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| बलुतं | कौतुक शिरोडकर | 9 | |
| मैफल ...! (रस : सोमरस ) | विशाल कुलकर्णी | 3 | |
| बुधवारची कविता: (आभाळ) | llपुण्याचे पेशवेll | 23 | |
| आभाळ | नेहमी आनंदी | 3 | |
| जखमी चित्रबलाकाचा अलारिपु | शरदिनी | 54 | |
| अचानक.... | नेहमी आनंदी | 5 | |
| ढेकर... | विशाल कुलकर्णी | 5 | |
| तू पुन्हा | कौतुक शिरोडकर | 3 | |
| जुनी पत्रं | नेहमी आनंदी | 3 | |
| (किराणा मालाच्या दुकानाचा अति संक्षिप्त इतिहास...) | पर्नल नेने मराठे | 24 | |
| नातं तुझं माझं | नेहमी आनंदी | 1 | |
| (हव्यास तू) | कौतुक शिरोडकर | 2 | |
| बायको ही सायको असते..डरकाळ्या आणि म्यांव..म्यांव | कानडाऊ योगेशु | 24 | |
| (रिमोट) | कौतुक शिरोडकर | 1 | |
| <पचन> | विजुभाऊ | 17 | |
| वाचन | कौतुक शिरोडकर | 12 | |
| (बहुधा) | चेतन | 1 | |
| आभास तू.. | प्राजु | 16 | |
| बहुधा | क्रान्ति | 19 | |
| <?!#^&* भरीत *&^#!?> | प्रभो | 7 |