कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| स्केच.. | भाग्यश्री | 17 | |
| विडंबनाची भेळपुरी | घाटावरचे भट | 62 | |
| त्याला जरा रागवा ना बाई ! | संदीप चित्रे | 6 | |
| स्वप्न | विष्णु | 0 | |
| कालनिर्णय... | खादाड_बोका | 0 | |
| ..ढोसुनि गुत्त्यात सार्या ब्रँड माझा वेगळा..ई-डंबन | बेचवसुमार | 4 | |
| रानात वनात | सुवर्णमयी | 0 | |
| (चाहूल) | चतुरंग | 6 | |
| मन कातर कातर... | मृगनयनी | 16 | |
| मी डेटिंग केले नाही..! | उपटसुंभ | 30 | |
| श्रावणातील सण | अथांग सागर | 5 | |
| असूनी दोस्त करितो दुष्मनी | श्रीकृष्ण सामंत | 2 | |
| मालवुन टाक दीप... ई -डंबन | बेचवसुमार | 4 | |
| आंबट-गोड नाती | स्वाती फडणीस | 11 | |
| जत्रा..! | उपटसुंभ | 7 | |
| (जत्रा) | केशवटुकार | 8 | |
| नको बागेत येऊस | श्रीकृष्ण सामंत | 0 | |
| चाहूल | अनिरुद्ध अभ्यंकर | 23 | |
| जत्रा | अविनाश ओगले | 11 | |
| (एक कवी संपून गेला ..) | चतुरंग | 11 |