कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| रसिक | उदय सप्रे | 1 | |
| रसिक | उदय सप्रे | 0 | |
| शिवस्तुती | पुष्कराज | 1 | |
| रुदाली - गझल ... | suralesandip | 2 | |
| (येऊ कसा तुमच्यात मी) | चतुरंग | 9 | |
| तुला माहित आहे ? | शितल | 10 | |
| आमची एक अप्रकाशित कविता... | शेखस्पिअर | 7 | |
| पर्जन्याष्टक | अविनाश ओगले | 32 | |
| थेंब टपोरे | अविनाश ओगले | 10 | |
| माझ्यासाठी आता सारंच चांगलं आहे... | फटू | 9 | |
| शिवस्तुती | पुष्कराज | 1 | |
| कुणीतरी... | पद्मश्री चित्रे | 17 | |
| वीश | भारती | 5 | |
| तू, फक्त हो म्हण | भारती | 4 | |
| त्यांच्या कवितेतील पाऊस | अविनाश ओगले | 10 | |
| शनि गेला मंगळाकडे | अजय जोशी | 5 | |
| (--अन् एकमुखान बोला बोला जयजय मिस्सळपाव ) | अमोल केळकर | 9 | |
| बालपण सदैव नटवायचं असतं | बेसनलाडू | 10 | |
| अनिवासी मोलकरीण | अरुण मनोहर | 19 | |
| वसंतोस्तव | शितल | 14 |