कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| (धागा काढण्याची तल्लफ) | नाखु | 15 | |
| सोबती | अन्या बुद्धे | 0 | |
| विहीर खोदण्याचा विचार | शिव कन्या | 14 | |
| बिज्जी लेखिकेची आळवणी | चलत मुसाफिर | 8 | |
| दाराआडचा पप्पू (आणि त्याची मम्मी) | चित्रगुप्त | 13 | |
| (बंद डब्याच्या झाकणाआडची कोशिंबीर) | शब्दसखी | 11 | |
| (दाराआडचा यजमान) | नाखु | 6 | |
| माणसे मित्र बनून येतात...... ( प्रेरणा :: माणसे कविता बनून येतात...) | खिलजि | 6 | |
| माणसे कविता होऊन येतात..... | शिव कन्या | 12 | |
| बियर | सोन्या बागलाणकर | 11 | |
| घोळ झाला घोळ | कहर | 1 | |
| # राजे छत्रपती | sanket gawas | 1 | |
| Coffee आणि ति २ | sanket gawas | 1 | |
| Coffee आणि ति | sanket gawas | 1 | |
| #आई | sanket gawas | 2 | |
| महागाईच्या गप्पा | बी.डी.वायळ | 4 | |
| (तू मतदार माझा) | नाखु | 10 | |
| तू ट्रोल माझा | चामुंडराय | 5 | |
| पाणी | शिव कन्या | 2 | |
| सांज | प्रणया | 0 |