कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| मृत्यूची सय ही निमित्तमात्र | ज्ञानोबाचे पैजार | 11 | |
| चित्त | अन्या बुद्धे | 3 | |
| बसणं हे निमित्तमात्र | पाषाणभेद | 4 | |
| बातम्या बघणे हे निमित्तमात्र.. | ज्ञानोबाचे पैजार | 12 | |
| चौथयांदा झालेल पाहिलं प्रेम | chittmanthan.OOO | 3 | |
| दारू ही केवळ निमित्तमात्र.. | चामुंडराय | 7 | |
| डॉक्टर हा निमित्तमात्र.. | सोन्या बागलाणकर | 10 | |
| पुरंदराचं तेजस्वी पातं..! [updated] | राघव | 12 | |
| संत एकनाथ | mukund sarnaik | 0 | |
| काॅफी ही निमित्तमात्र.. | प्राची अश्विनी | 36 | |
| शोधा म्हणजे सापडेल ( परामानंदाचे झाड ) | खिलजि | 0 | |
| विशाल राज्य | शब्दानुज | 2 | |
| राखून ठेव दुधाचे थेंब तू | खिलजि | 0 | |
| || माझे बाबा || | बी.डी.वायळ | 3 | |
| चढणं म्हणजे काय असते रे भौ ( एक अशीच केलेली "श श क कविता" ) | खिलजि | 11 | |
| सावित्री फुले | mukund sarnaik | 0 | |
| काचेच्या अलिकडून | चाणक्य | 11 | |
| व्हेनीसचे व्यापारी | अविनाशकुलकर्णी | 2 | |
| सजले अंतर | कुमार जावडेकर | 11 | |
| सावरकर | mukund sarnaik | 0 |