कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| आवाज वाढव राहुल.... | डॉ. एस. पी. दोरुगडे | 3 | |
| हायकु (कायकु)-२ | नाखु | 10 | |
| प्रतीक्षा | मयुरMK | 2 | |
| "बुवा....." | टवाळ कार्टा | 20 | |
| राहील कुठे आता ही चिमणी? | खेडूत | 12 | |
| देवा... | कविता१९७८ | 1 | |
| हुंकार वेदनेचे | पालीचा खंडोबा १ | 1 | |
| आपण किती हसतो! | सुमेध रानडे | 2 | |
| रात्र | आनंदमयी | 14 | |
| परी | शब्दबम्बाळ | 9 | |
| सोने की चिड़ियां | संदीप डांगे | 7 | |
| डॉलर | अविनाश लोंढे. | 2 | |
| तो........ | एक एकटा एकटाच | 17 | |
| आरसा हरवेल तेव्हा ये .. | drsunilahirrao | 34 | |
| एकटेपणाच्या कविता | पालीचा खंडोबा १ | 7 | |
| तेच ते | मित्रहो | 3 | |
| दुलई | सुमेध रानडे | 11 | |
| Celebration | पालीचा खंडोबा १ | 10 | |
| पाहीलं मी तुला | माहीराज | 0 | |
| खिशात किती नोटा आहेत जमा ? | मयुरMK | 10 |