कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| वळून नाही पाहिलंस ……! | एकप्रवासी | 2 | |
| पुण्यात... | जव्हेरगंज | 29 | |
| तू | आनंदमयी | 13 | |
| || बिर्याणीस्तोत्रम् || | बॅटमॅन | 136 | |
| मी विलायती ‘नीट’ घेणे टाळतो | ज्ञानोबाचे पैजार | 40 | |
| पाटी | मीनादि | 0 | |
| मी सुखाची भेट घेणे टाळतो .. | drsunilahirrao | 17 | |
| बालपण | मीनादि | 7 | |
| मराठी भाषा दिनानिमित्त | शान्तिप्रिय | 2 | |
| सासुरवाशीण | मीनादि | 3 | |
| ढग, पाउस, आठवणी आणि भावना... | सतिश गावडे | 32 | |
| कधीतरी......... | एक एकटा एकटाच | 9 | |
| एक होते झुरळ | खालीमुंडी पाताळधुंडी | 10 | |
| बिलिंदर राणी | विवेकपटाईत | 11 | |
| आठवणी | मीनादि | 4 | |
| ये ग गाई गोठ्यामध्ये | खालीमुंडी पाताळधुंडी | 43 | |
| हल्ली मेघ धुंदीत येऊ लागले कि.. | निशांत_खाडे | 11 | |
| आम्हाला इंग्लिश येतंय | वेल्लाभट | 42 | |
| पांढरा दिवस | सुरवंट | 5 | |
| श्रावणसर | रातराणी | 20 |