कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| पहिल्या प्रेमी गुंतत गेलो | विदेश | 3 | |
| गाव बदललाय! | निशांत_खाडे | 12 | |
| काय भारी होतं ना बालपण | अभिषेक पांचाळ | 1 | |
| खुंटीवरच्या कविता | जव्हेरगंज | 6 | |
| रंडीबाज कवी | जव्हेरगंज | 10 | |
| कवीची कविता | उल्का | 1 | |
| आमचे आगोबा [मिपाक्विता] | टवाळ कार्टा | 21 | |
| आमचे आगोबा [मिपाक्विता] | टवाळ कार्टा | 0 | |
| आमचे आगोबा [मिपाक्विता] | टवाळ कार्टा | 0 | |
| ती आणि तो | भरत्_पलुसकर | 11 | |
| नजरानजर अचानक | विदेश | 12 | |
| व्यथा | दिपुडी | 2 | |
| करार | वटवट | 5 | |
| मर्त्य | त्रिपुरा | 6 | |
| (कूणास ठाऊक ?) | टवाळ कार्टा | 28 | |
| (कूणास ठाऊक ?) | टवाळ कार्टा | 0 | |
| (कूणास ठाऊक ?) | टवाळ कार्टा | 0 | |
| नमस्कार | दिपुडी | 2 | |
| कुणास ठाऊक ? | gsjendra | 11 | |
| दवाई-ऐ-गुलजार! | अज्ञात | 6 |