कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| शब्द | अभिषेक पांचाळ | 3 | |
| मोबाइल आणि मी !!! | फिझा | 0 | |
| चारचौघांत | हर_हुन्नरी | 30 | |
| अगतिकता | सुधीरन | 0 | |
| झेंडूची फुले | सुधीरन | 11 | |
| भूक भागत नाही | अभिषेक पांचाळ | 1 | |
| गेले प्यायचे राहूनी.. | अत्रुप्त आत्मा | 115 | |
| गुंतण | pj | 5 | |
| कधी कधी | अभिषेक पांचाळ | 3 | |
| <हे वागणं बरं नव्हं> | नीलमोहर | 15 | |
| बोबडी कविता! | चांदणे संदीप | 26 | |
| प्राजक्त | विशाल कुलकर्णी | 14 | |
| देवाचे स्थान कुठे ।। | माहीराज | 12 | |
| सावल्यांची सरमिसळ होते .. | drsunilahirrao | 19 | |
| मी अजून जिंकलो नाही | अभिषेक पांचाळ | 3 | |
| आम्ही मनमौजी | सुधीरन | 1 | |
| गरिबाला विचार | अभिषेक पांचाळ | 4 | |
| काळ असा....... | शिव कन्या | 15 | |
| मराठी अनुवादः आज हंसो हंसो जल्दी हंसो - रघुवीर सहाय | तर्राट जोकर | 1 | |
| बीज | gsjendra | 2 |