कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| निषेध! | जव्हेरगंज | 16 | |
| निषेध! | जव्हेरगंज | 0 | |
| निषेध! | जव्हेरगंज | 0 | |
| चालवायचंच म्हटलं तर... | जव्हेरगंज | 5 | |
| ....तेव्हा तू मला फार फार आवडतेस....प्रवास ५ | कानडाऊ योगेशु | 18 | |
| (किती लौकर आज उजाडलं बाई)............निकोलोडिऑन व्हर्शन | अभ्या.. | 32 | |
| <मी टाकलेल्या एकूण (धागा)पिंका> | नाखु | 9 | |
| फक्त तुझ्यामुळेच | bond | 3 | |
| मी मारलेल्या एकूण माश्या | जव्हेरगंज | 21 | |
| ..किती लौकरच आज उजाडलं बाई.. | कानडाऊ योगेशु | 11 | |
| तर्राट झालं जी... | सायकलस्वार | 14 | |
| वेदनेचा गाव | रातराणी | 24 | |
| ..कोणी कसाब झाले,कोणी कलाम झाले.. | कानडाऊ योगेशु | 15 | |
| गेले मोदी कुणीकडे | anilchembur | 22 | |
| <<<माजबुरी है>>> | नाखु | 9 | |
| ....विश्वाची उलगड होते..... | कानडाऊ योगेशु | 15 | |
| < < < < मजबूरी हय > > > > | चांदणे संदीप | 11 | |
| एक उर्दू गझल - जो ठिकाना हैं हमारा | पथिक | 5 | |
| < < < मजबूरी है > > > | रातराणी | 10 | |
| मोबदला | पथिक | 3 |