कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| (इच्छा अधूरी..) | नीलमोहर | 10 | |
| HOW ARE YOU? | जव्हेरगंज | 27 | |
| नाडलेल्या लोकांची कहाणी ............. | माम्लेदारचा पन्खा | 24 | |
| पहाट बोले … | उल्का | 4 | |
| असा कसा काळ आला | gsjendra | 3 | |
| तेव्हा मला तू फार म्हणजे फार आवडतोस | ज्ञानोबाचे पैजार | 23 | |
| तेव्हा मला तू फार फार आवडतेस - प्रवास ३ | कानडाऊ योगेशु | 16 | |
| कस सांगु ??? | एक एकटा एकटाच | 8 | |
| निर्णय | तुषार जोशी | 1 | |
| सावली | तुषार जोशी | 1 | |
| मन | पथिक | 20 | |
| दया तेथ धर्मु च्या थिम वर | भम्पक | 3 | |
| जीव नांगरटीला आलाय | जव्हेरगंज | 36 | |
| (तिफण गोफण) | नाखु | 9 | |
| तेव्हा मला तू फार फार आवडतेस...प्रवास २ | कानडाऊ योगेशु | 16 | |
| झाडीबोली गझल - " बदल " | स्वामी संकेतानंद | 12 | |
| तेव्हा मला तू फार फार आवडतेस...! | कानडाऊ योगेशु | 84 | |
| बीज | gsjendra | 9 | |
| येते आठवण अधून -मधून .... | अविनाश लोंढे. | 8 | |
| मी अश्व!! | चांदणे संदीप | 9 |