कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| मोदीभक्त आम्ही... | डॉ. एस. पी. दोरुगडे | 74 | |
| काही अपूर्ण कविता.... | चाणक्य | 24 | |
| जसजसे जगणे सुखासिन होत आहे.. | drsunilahirrao | 4 | |
| अशी कबुतरे येती... | अत्रुप्त आत्मा | 57 | |
| मागे वळून पाहताना | महासंग्राम | 2 | |
| एक पिपाणी द्या पप्पूस आणुनी | मूखदूर्बळ | 1 | |
| ही कोंबड्याची'चव'हा,वेड लावी जिह्वा | खालीमुंडी पाताळधुंडी | 16 | |
| (शाक दाट वाटान्याची) | रातराणी | 15 | |
| वाट दाट वणव्याची | रातराणी | 13 | |
| तास केंव्हा सरे?* | डॉ. एस. पी. दोरुगडे | 0 | |
| < अश्शी सासू असती तर > | अन्नू | 9 | |
| का?, का?, का?, का?, का?, का? | माहितगार | 3 | |
| फुलदाणी | माहितगार | 1 | |
| (असा नवरा असता तर..) | नीलमोहर | 48 | |
| मागणं | डॉ. एस. पी. दोरुगडे | 0 | |
| माझी पहिली कविता.... "का ग एवढी आवडतेस मला" | kunal lade | 26 | |
| निशब्द | हरिदास | 1 | |
| जगण शिकतोय मी आता.......! | एकप्रवासी | 6 | |
| पहिली चाचणी | कवि मनाचा | 1 | |
| ५. दुष्काळ झळा ... रानातली वाट.. | गणेशा | 9 |