कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| भांडवलशाही | इनोबा म्हणे | 17 | |
| तिरडी बांध | आंबोळी | 11 | |
| मला पुरते कळले.... | झुम्बर | 5 | |
| (भांडणशब्द २) | राजेश घासकडवी | 13 | |
| मागणं | चिर्कुट | 7 | |
| (भांडणशब्द) | ३_१४ विक्षिप्त अदिती | 4 | |
| राम... | विशाल कुलकर्णी | 4 | |
| कारणे....! | विशाल कुलकर्णी | 7 | |
| वंगणबद्ध | सन्जोप राव | 31 | |
| मस्तानी भाग २ | झुम्बर | 1 | |
| अरे ! अरे s s s रे ! ! ! | निरन्जन वहालेकर | 1 | |
| वैकुंठ | बाबुराव | 19 | |
| .....घडावे असे काही..... | कानडाऊ योगेशु | 5 | |
| एक गिअर मेला | पाषाणभेद | 4 | |
| मित्रा ... | स्वप्निल मन | 5 | |
| मस्तानी | झुम्बर | 9 | |
| कान्हा रे कान्हा असे काय करी | पाषाणभेद | 1 | |
| मरे एक त्याचा दुजा शोक वाहे ....... | झुम्बर | 8 | |
| लावणी: आणा मला येवला पैठणी | पाषाणभेद | 8 | |
| विसंगती.. | राघव | 2 |