कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| .. | प्रियाली | 15 | |
| पाउस २- शिघ्र | नाद्खुळा | 3 | |
| सफरचंदाच्या हंगामातली गाय - रॉबर्ट फ्रॉस्ट | धनंजय | 8 | |
| नाचरी गाय - (आधारित) | चित्रा | 9 | |
| सोनसाजिरी पौणिमा.. | प्राजु | 12 | |
| ग्रेव्हयार्ड - लिटरेचर | अनुप्रिया | 2 | |
| धन्य ! धन्य ते मरण ! ! ! | निरन्जन वहालेकर | 0 | |
| रेडिओ | पाषाणभेद | 7 | |
| पांढरी | केशवसुमार | 1 | |
| ..विश्वामित्र.. | कानडाऊ योगेशु | 17 | |
| आदाब अर्ज है !( २६-०७-११) हार जाने का हौसला है मुझे......... | अश्फाक | 95 | |
| आदाब अर्ज है ! | अश्फाक | 8 | |
| हिशेब पाप-पुण्ण्याचा ! ! | निरन्जन वहालेकर | 3 | |
| ज्येष्ठ आषाढ | धनंजय | 23 | |
| एकही अक्षर... | पुष्कर | 7 | |
| ( बे ) शरम ! ! ! | निरन्जन वहालेकर | 0 | |
| माझा चारोळी संग्रह (२२ चारोळ्या) | निमिष सोनार | 3 | |
| सांगू काय, सांगू काय? | निमिष सोनार | 1 | |
| प्रेमात तुझ्या...संपलो मी...!! | निमिष सोनार | 0 | |
| रस्ता ओलांडता | sur_nair | 5 |