कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| आडवाटंनं जाता जाता | पाषाणभेद | 2 | |
| नाडी घ्या नाडी | पाषाणभेद | 7 | |
| लावणी : उसाचा रस तुमी पाजा | पाषाणभेद | 6 | |
| संचित | shaileh vasudeo pathak | 3 | |
| आस ! जन्मो जन्मीची ! ! | निरन्जन वहालेकर | 1 | |
| रस्ता ओलांडता - २ | sur_nair | 3 | |
| हा हा हा हा | kanhegaonkar | 2 | |
| ..(चुकले माझे).. | कानडाऊ योगेशु | 4 | |
| जखम | चन्द्रशेखर गोखले | 5 | |
| पाणिग्रहण | स्पंदना | 2 | |
| नका अंगचटीला येवू | पाषाणभेद | 1 | |
| दागे उल्फत का जलाना | सागरलहरी | 6 | |
| दगडफोड्याचं गाणं (मेहनतीची लावणी: घावावर घाव घाला) | पाषाणभेद | 7 | |
| 'आई'[एस.एम.एस.] | डावखुरा | 5 | |
| कवितेचा मार ! ! ! | निरन्जन वहालेकर | 1 | |
| नाचरी गाय - २ (आधारित) | चित्रा | 8 | |
| रानातली वाट - The Way Through the Woods | sur_nair | 5 | |
| घाट चढा आता | पाषाणभेद | 3 | |
| (बस्स्स नकोस आता) | विशाल कुलकर्णी | 7 | |
| व्यवसायभिमुख शिक्षण | सुवर्णमयी | 10 |