चारोळी
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काव्य शोधण्या हवे मन कोमल
हास्य शोधण्या हवे मन निर्मल
प्रेम शोधण्या हवे मन गंभीर
दुखः झेलण्या हवे मन खंबीर
काव्य हे स्फुराया हवे
हास्य हे फुटाया हवे
विचार हे प्रगटाया हवे
भाव हे फुलाया हवे