कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| बोटावर न मोजता येतील इतके दिवस असतात ..!! | प्रकाश१११ | 10 | |
| (डोसा इथला संपत नाही) | धन्या | 49 | |
| कांदा | विवेकपटाईत | 19 | |
| AN ODE TO मिसळपाव ! द्वितीय पुष्प | माम्लेदारचा पन्खा | 16 | |
| AN ODE TO मिसळपाव ! प्रथम पुष्प | मारवा | 26 | |
| दसरा | लाडू | 0 | |
| काय रे देवा… (संदीप खरे यांची माफी मागून ) | माम्लेदारचा पन्खा | 9 | |
| नक्षत्रांचे देणे | सूड | 39 | |
| दर्पण, सर्पण, अर्पण, तर्पण, आकर्षण, प्रोक्षण, लवण, कर्तन | अत्रुप्त आत्मा | 108 | |
| तिला नेहमी वाटतं | खटपट्या | 36 | |
| देर न हो जाये | भावना कल्लोळ | 4 | |
| आयुष्य म्हणजे.... | चेतन677 | 6 | |
| ह्रुदया मध्ये घर बांधु या,अशा घराला दार कशाला? | खुशि | 9 | |
| क्षितीज चांदणी...... | माझं आभाळ | 4 | |
| गाढव ऐकेना, गाढव समजेना | संजय क्षीरसागर | 87 | |
| इरेला पेटला आहे पिसारा (गझल) | अजय जोशी | 9 | |
| पोकळी | बेसनलाडू | 22 | |
| ह्ये वागनं बरं नव्हं | निराकार गाढव | 38 | |
| वेदना | निरन्जन वहालेकर | 2 | |
| बंद दरवाजा | विवेकपटाईत | 4 |