कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| मित्रा | तुषार जोशी | 7 | |
| दिवाळीच्या फुलझड्या | विवेकपटाईत | 1 | |
| शब्दांशी दोस्ती | प्रकाश१११ | 3 | |
| "आज म्हणलं माती व्हावं" | वैभवकुमारन | 10 | |
| लागली कुणाला कुणाची उचकी; ह्याला का त्याला ? लाजू नको, लाजू नको ! | माहितगार | 5 | |
| ज्याचे त्याला कळले | वेल्लाभट | 3 | |
| मांद्यपर्वातील भैरवी | अवतार | 43 | |
| प्रेमही जरुरीपुरतंच करावं... | अजब | 10 | |
| <दबंग> | वेल्लाभट | 9 | |
| विंचू चावला | फुंटी | 4 | |
| कोवळीक | पाषाणभेद | 4 | |
| <पतंग> | राजेश घासकडवी | 16 | |
| <लवंग> | अनुप ढेरे | 14 | |
| तवंग | बेसनलाडू | 10 | |
| त्या गेंड्याची दोन पावले - (विडंबन) | विदेश | 10 | |
| माझ्या शेल्फवरची पुस्तके...!! | प्रकाश१११ | 10 | |
| मी लोकलयात्री | वेल्लाभट | 4 | |
| पत्र | अजब | 7 | |
| ते काळे अभद्र आभाळ …। | प्रकाश१११ | 5 | |
| प्रवाही | आतिवास | 13 |