कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| अगा पांडुरंगा .. | विशाल कुलकर्णी | 32 | |
| (सहज..) | टवाळ कार्टा | 24 | |
| सहज.. | अत्रुप्त आत्मा | 37 | |
| तो..... | टवाळ कार्टा | 5 | |
| सुखसाधना | सार्थबोध | 1 | |
| कसं जमतं तुला (डुआयडी काढणं) | टवाळ कार्टा | 39 | |
| कसं जमतं तुला | सुचेता | 19 | |
| अंग माझे | भीडस्त | 15 | |
| ..का आज सारे गप्प | मंदार दिलीप जोशी | 21 | |
| गंध माझे | टवाळ कार्टा | 38 | |
| गंध तुझे | सार्थबोध | 3 | |
| ओळखा पाहू ? | विवेकपटाईत | 10 | |
| होउ दे श्वास मोकळा | टवाळ कार्टा | 46 | |
| कस्तूरी!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! | अत्रुप्त आत्मा | 34 | |
| माणुसकीचा येता गहिवर | मंदार दिलीप जोशी | 6 | |
| माणुसकीचा येता गहिवर | मंदार दिलीप जोशी | 0 | |
| मन | गुलमोहर | 5 | |
| एsssssssss...कटा..,चला सुटाsssssssssssss | अत्रुप्त आत्मा | 49 | |
| अकारण | सार्थबोध | 2 | |
| एकटा | Yash | 8 |