कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| प्रेमाची भाषा | ज्योति अळवणी | 2 | |
| अंधार | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 12 | |
| नाटक | पदकि | 3 | |
| गाठोडं | निलरंजन | 2 | |
| "खरे सत्य बोला/ जपून जपून" | पदकि | 9 | |
| "किंमत" | पदकि | 3 | |
| भूत... वर्त्तमान.... भवीष्य | ज्योति अळवणी | 1 | |
| चार अपशब्द | पदकि | 14 | |
| कॉफ़ी | ज्योति अळवणी | 11 | |
| आत्म"मुक्ति! | अत्रुप्त आत्मा | 30 | |
| १४ फरवरी (प्रेम दिन) - दोन क्षणिका | विवेकपटाईत | 5 | |
| चॉकलेटचा बंगला ऽऽ | पद्मश्री चित्रे | 14 | |
| मले माईतच नाई... | ऊध्दव गावंडे | 19 | |
| "जेसन आणि बोलती बेडकी" | पदकि | 9 | |
| मोज्यांचे दालन | पदकि | 0 | |
| श्यामसुंदर मुळे सरांचा शब्द-मेध यज्ञ | पदकि | 3 | |
| <<<< चालचलाऊ मिपा>>> | जेपी | 30 | |
| मौनात दडले क्रौर्य | गणेशा | 13 | |
| नेमक काय चुकतंय? | शब्दबम्बाळ | 0 | |
| वैभवशाली वाडा जुना | प्रमोद देर्देकर | 9 |