कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| स्मायली जीवन माझे | अत्रुप्त आत्मा | 29 | |
| काळरात्र....!!!!! | एक एकटा एकटाच | 25 | |
| शिवराय बोलले आज | वेल्लाभट | 28 | |
| आसवांच्या प्रतिबिंबात | शब्दानुज | 1 | |
| रस्ता... | शब्दबम्बाळ | 2 | |
| मराठी | वेल्लाभट | 13 | |
| नाटक वाटू नये | गंगाधर मुटे | 3 | |
| अशी कशी ग तु........... | एक एकटा एकटाच | 6 | |
| जायचे आहेच तर जावेस आता .. | drsunilahirrao | 8 | |
| संध्याछाया.. | अत्रुप्त आत्मा | 10 | |
| सये भांडतेस कशा.. | कहर | 15 | |
| गोंधळ | नाखु | 54 | |
| एका बापाची व्यथा ....... | चुकलामाकला | 51 | |
| गवसणी.(चारोळ्या) | प्रल्हाद दुधाळ. | 3 | |
| एक जिलबी पाडायचीच | वेल्लाभट | 54 | |
| अगर | नेताजी बोराडे | 3 | |
| गनिमी कावा | विदेश | 4 | |
| डोळे आमचे आहेत म्हणुनी | विदेश | 8 | |
| चिद्विलास (स्वैर भावानुवाद) | मूकवाचक | 3 | |
| आभास | सुमित_सौन्देकर | 3 |