कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| नेता व्हायचंय एका रात्रीत ? | संजुदा | 7 | |
| हेल्मेट | संजुदा | 6 | |
| लेकीसूना घेऊन नाचासाठी या : नागपुरी तडका | गंगाधर मुटे | 4 | |
| तू ये... | सतिश गावडे | 42 | |
| राख | Vimodak | 6 | |
| समुद्र | Vimodak | 8 | |
| रातराणी | Vimodak | 9 | |
| गिरिजा इन अ वंडर लॅन्ड | प्रसाद गोडबोले | 77 | |
| अजूनही तळपते आहे माझी लेखणी , माझा कुंचला !!! | Rajvardhan | 1 | |
| नकळत … | अनामिक२४१० | 7 | |
| गुर्जीSSS……कोणता तांब्या घेऊ हातीSSSSSSSSS | टवाळ कार्टा | 109 | |
| टु शेक्सपिअर विथ लव | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 9 | |
| क्षितिज-कुंपण | Vimodak | 10 | |
| दिशाहीन | Vimodak | 7 | |
| क्षमा नावाच्या भूमातेस | देवदत्त परुळेकर | 1 | |
| द्वारकाधीश | आनंदमयी | 8 | |
| पाहून घे महात्म्या | गंगाधर मुटे | 8 | |
| माझे शब्द | Rajvardhan | 0 | |
| रात्र...!!!!! | एक एकटा एकटाच | 15 | |
| कर्म माणसाचे, दोष "कर्त्याला"!! | निमिष सोनार | 2 |