कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| आरती | सतिश गावडे | 68 | |
| " आईले विचारल म्या " | Sanjay Kokare | 22 | |
| " नवी क्रांती घडवायची आम्हाला " | Sanjay Kokare | 8 | |
| सांज | आनंदमयी | 7 | |
| ' यज्ञ आहे हा जिवाला जाळण्याचा...' | drsunilahirrao | 8 | |
| नवीन | चुकलामाकला | 9 | |
| अशांतिचे गाणे... (गीत.) | अत्रुप्त आत्मा | 27 | |
| (लेखणीने) | सूड | 27 | |
| (प्लास्टर ऑफ) पॅरीसचा वि-चित्रकार | माहितगार | 3 | |
| लेखणीने लढाईस सज्ज व्हावे! | गंगाधर मुटे | 27 | |
| अर्घ्य | विशाल कुलकर्णी | 11 | |
| मी बारच्या टेबलावर (जुना) संत आहे रेखिला | टवाळ कार्टा | 15 | |
| गीत तारकांचे | सार्थबोध | 3 | |
| माझेच (म्हणणे) खरे | नाखु | 18 | |
| माझेच जगणे खरे..... | विशाल कुलकर्णी | 4 | |
| ((सहज..)) | सतिश गावडे | 21 | |
| मी हरीच्या पायरीवर पीर आहे रेखिला | विशाल कुलकर्णी | 14 | |
| रक्तदाब! | अत्रुप्त आत्मा | 24 | |
| समज..! | अत्रुप्त आत्मा | 60 | |
| अर्रे पांडुब्बा .. | टवाळ कार्टा | 38 |