कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| आस | अज्ञातकुल | 15 | |
| प्रवास वेगळाच घडला… | मनिष | 9 | |
| समृद्ध भारत | राजा सोव्नी | 3 | |
| मरणे कठीण झाले | गंगाधर मुटे | 28 | |
| दृष्टी दोष | राजा सोव्नी | 1 | |
| ट्रेफिक सेन्स | राजा सोव्नी | 16 | |
| (तू) | प्यारे१ | 14 | |
| तू | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 14 | |
| जीवनाचे कोडे | राजा सोव्नी | 7 | |
| प्रेमाची चाणक्यनीती (अर्थात मुली पटवायचे डावपेच) | चाणक्य | 31 | |
| मराठी कबुतरांनो वचळणिला गुमान पडुन रहा | राजघराणं | 6 | |
| प्रेमाच्या वेळीवर | दिपक वायळ | 10 | |
| राशी चक्रम | राजा सोव्नी | 11 | |
| प्रवास | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 9 | |
| नाटकी बोलतात साले! | गंगाधर मुटे | 10 | |
| नट्यांचे रहस्य | राजा सोव्नी | 18 | |
| प्रेम | दिपक वायळ | 0 | |
| अलबम | दिपक वायळ | 0 | |
| भेटलाच कधी..... | Bhagwanta Wayal | 0 | |
| शोध | यशोधरा | 33 |