कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| नजर | राजा सोव्नी | 1 | |
| कविता | इरसाल | 8 | |
| तुझ्यासह.. तुझ्याविना ... | विदेश | 2 | |
| वना चे श्लोक | राजा सोव्नी | 2 | |
| रात्रीच्या पावसाने | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 14 | |
| ग्रेस ... | शतदाप्रेमकरावे | 4 | |
| रंगुनी रंगात मधुर..... | निरन्जन वहालेकर | 3 | |
| भगोरिया | राजा सोव्नी | 6 | |
| अर्धा पूल….. | फिझा | 3 | |
| रक्तरंग | निरन्जन वहालेकर | 3 | |
| दुपट्टा घसरणे वगैरे वगैरे | गंगाधर मुटे | 54 | |
| लेखणी !! | फिझा | 3 | |
| ' रक्तरेषा ' | drsunilahirrao | 16 | |
| अशीही आणि तशीही | इनिगोय | 32 | |
| बुर्खा | drsunilahirrao | 0 | |
| बटाटा | राजा सोव्नी | 12 | |
| सीमारेषा | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 25 | |
| भावओली | अज्ञातकुल | 14 | |
| कवितेचे शिर्षक आहे: मिठी | जोशमनिष | 5 | |
| घराच्या उंब-याला सांग फिरुनी | सांजसंध्या | 8 |