कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| ...बेभान... | चाणक्य | 2 | |
| एक भिंत येथे होती | सांजसंध्या | 10 | |
| आठवण... | अत्रुप्त आत्मा | 35 | |
| हा मानवी मनाचा गुंता कसा सुटेना - | विदेश | 2 | |
| श्रीराम | अनिल आपटे | 8 | |
| -पारिजातक - | फिझा | 10 | |
| संवाद | अज्ञातकुल | 4 | |
| माय | पंचम | 7 | |
| अंकुर | अज्ञातकुल | 8 | |
| यु आर लेट यु फुल | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 85 | |
| नास्तिक - भाग २ !! | फिझा | 5 | |
| श्रद्धांजली | शैलेश हिंदळेकर | 12 | |
| मध्यस्थ | शैलेश हिंदळेकर | 1 | |
| माय मराठीचे श्लोक...!! (ध्वनीफ़ित) | गंगाधर मुटे | 2 | |
| आठवण | विदेश | 1 | |
| दगड | विदेश | 5 | |
| शिकवण | विदेश | 2 | |
| कविंचे काव्य... | अत्रुप्त आत्मा | 10 | |
| रेशिमगाठी | क्रान्ति | 16 | |
| एक शांत क्षण | ई-पूर्वाई | 5 |