कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| रुसवा | अज्ञातकुल | 4 | |
| रक्त आटते जनतेचे | गंगाधर मुटे | 3 | |
| दारु पुराण | Bhagwanta Wayal | 14 | |
| आत्महत्या बळीच्या तू रोख वामना | गंगाधर मुटे | 62 | |
| कर्माचरण | Bhagwanta Wayal | 16 | |
| सन्मान | चाणक्य | 8 | |
| शोध | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 12 | |
| हवं असं कुणीतरी | प्रिया ब | 7 | |
| माझा बाप | अनिल तापकीर | 6 | |
| माझी गझल निराळी | गंगाधर मुटे | 4 | |
| हादडाया दाही डिश्या | बॅटमॅन | 44 | |
| <ये दिल मांगे मिनिमल!> | प्यारे१ | 34 | |
| संक्षिप्त | अज्ञातकुल | 5 | |
| नाच रे सुब्रा, अँबेच्या व्हॅलीत | मूखदूर्बळ | 14 | |
| पौरुषाला आव्हान...! | विसोबा खेचर | 77 | |
| कबुतरांची सभा | अत्रुप्त आत्मा | 20 | |
| स्व्प्न | दिपक वायळ | 0 | |
| बुफे,अथवा खड भोजन | राजा सोव्नी | 9 | |
| धरण उषाला कोरड घशाला | Bhagwanta Wayal | 3 | |
| नाचते नार तोऱ्यात - | विदेश | 9 |