कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| " बया आज माझी नसे वात द्याया .." | विदेश | 11 | |
| माया ही पात्तळ-१"बेशर्त स्वीकृती" | अत्रुप्त आत्मा | 36 | |
| " आम्ही वारकरी, निघालो पंढरपुरी - " | विदेश | 1 | |
| चारोळी... | रसिका तिलेकर | 1 | |
| भिंत | drsunilahirrao | 2 | |
| दुष्काळाच्या मरणकळा | वैभव कुलकर्नि | 3 | |
| देवा आता हार मान तू | वैभव कुलकर्नि | 1 | |
| ...शब्द काही | वेल्लाभट | 10 | |
| शेवटी कळले आयुष्य न उलघडणारे कोडे आहे........ | वैभव कुलकर्नि | 7 | |
| साला एक प्याला , साला एक प्याला | वैभव कुलकर्नि | 1 | |
| गजलेचा अनुवाद | अज्ञातकुल | 6 | |
| जिंदगी जम चुकी है अब | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 26 | |
| शब्दबेवडा | गंगाधर मुटे | 8 | |
| न ठहरे किसी मंजिल पर शब होने तक | निनाव | 13 | |
| काय आहे आमच्याकडे ? | चाणक्य | 21 | |
| माझी पहिली कविता | रसिका तिलेकर | 29 | |
| मेंदू | drsunilahirrao | 2 | |
| बाळूचे स्वप्न - (बाल कविता) | विदेश | 4 | |
| आधीन | अज्ञातकुल | 14 | |
| सरकारी नोकर | Bhagwanta Wayal | 7 |