कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| देवद्वार छंदः गारवा: निकाल केव्हा? | बाजीराव | 2 | |
| अंड्याची टरफले आणि बुटाची लेस | लिखाळ | 24 | |
| गोल्डफ्लेक्स | घाटावरचे भट | 23 | |
| विव्हळतं तळ... | स्वाती फडणीस | 3 | |
| धूसर राखाडी.. | स्वाती फडणीस | 2 | |
| कॉर्न फ्लेक्स | सुवर्णमयी | 11 | |
| डायरेक्ट ढगात जातील . . . | काहीतरीच | 4 | |
| स्वप्नं | स्मिता श्रीपाद | 5 | |
| हमी | उपटसुंभ | 11 | |
| थेंब एक असा बरसून गेला.. | स्वाती फडणीस | 13 | |
| वामा.. | प्राजु | 29 | |
| एक "सवाई मैफिल " | दत्ता काळे | 4 | |
| (संपेल ना कधीही , हा खेळ दहशतीचा!! ) | अमोल केळकर | 3 | |
| मैत्रीण नसलेल्या मित्रांसाठी ! | अनिरुद्धशेटे | 9 | |
| विहंग तो विहरता झाला... | स्वाती फडणीस | 5 | |
| सासरेबुवा | अंकुश चव्हाण | 3 | |
| निरव पावले (अनुवाद-गीतांजली) | लिखाळ | 13 | |
| माझ्याच त-हा | स्वाती फडणीस | 5 | |
| ही तान कधीची..! | स्वाती फडणीस | 9 | |
| (विचारणा) | चेतन | 13 |