कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| क्षितीज | शाल्मलि | 9 | |
| लग्न करुन तु सासरी गेली आहेस | अविनाशकुलकर्णी | 15 | |
| जुना ओसाड वाडा | दत्ता काळे | 24 | |
| माझे मन..... | sanjubaba | 0 | |
| तो माणूस भणंग होता | मूखदूर्बळ | 0 | |
| मी आलो. | रेझर रेमॉन | 6 | |
| वन्स मोअर, | अविनाशकुलकर्णी | 4 | |
| नि:शब्द विजय (उद्धव मात्रावृत्त) | ऋषिकेश | 6 | |
| गजल | mahesh jahagirdar | 4 | |
| दिव्याभोवती अंधार (गीतांजली - अनुवाद) | लिखाळ | 21 | |
| विसंगतींचे संदर्भ...! | झेल्या | 18 | |
| प्राक्तन | संदीप चित्रे | 22 | |
| एक द्वाडीक कविता | विजुभाऊ | 2 | |
| वैधानीक इशारा. | रामदास | 13 | |
| पाणि | मॅन्ड्रेक | 4 | |
| एक लाडीक कविता | रामदास | 23 | |
| मी शतजन्म घेतले | अविनाशकुलकर्णी | 0 | |
| प्रॉव्हिडन्ड फंड | पॅपिलॉन | 2 | |
| -*******हॅप्पी न्यु इयर*******------- | अविनाशकुलकर्णी | 8 | |
| विनोद | मॅन्ड्रेक | 6 |