कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| (बैल) | बेसनलाडू | 14 | |
| दिवा | आंबोळी | 16 | |
| बैल | विजुभाऊ | 27 | |
| तृप्ती | अमोल केळकर | 2 | |
| तृप्ती | अमोल केळकर | 0 | |
| गं! राहू मी कसा भानावरी | श्रीकृष्ण सामंत | 2 | |
| जोगवा | केशवसुमार | 17 | |
| (सोडवा) | बेसनलाडू | 18 | |
| गोडवा | स्वाती फडणीस | 4 | |
| (ग बाई मी प्रतिसाद वाचीत होते..) | अमोल केळकर | 12 | |
| एक अबोल प्रेम फुललेच नाही !! | पावसाची परी | 13 | |
| प्रतिसाद | अमोल केळकर | 9 | |
| खाली-वर, खाली-वर | स्वाती फडणीस | 21 | |
| बेवडे | केशवसुमार | 18 | |
| छोटे मोठे कवी | केशवसुमार | 13 | |
| छोटे,मोठे तारे | स्वाती फडणीस | 3 | |
| नजरेचा लपंडाव | उदय सप्रे | 2 | |
| पावले | स्वाती फडणीस | 13 | |
| ( अजोबांची काठी ) | अमोल केळकर | 5 | |
| कार्यालय | विनोद इन्गळे | 0 |