कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| पाऊसवेळा | कौस्तुभ भोसले | 2 | |
| पहिलीच माझी कविता... | कादंबरी... | 13 | |
| मागे वळुन पाहताना.. | मन्या ऽ | 5 | |
| प्राक्तनवेळा | कौस्तुभ भोसले | 2 | |
| हसण्या उसंत नाही | कौस्तुभ भोसले | 11 | |
| उप्पीट मात्र बरे झाले | मनस्विता | 8 | |
| कोरोना | Sneha Kalekar Ghorpade | 1 | |
| ती अन् पाऊस.. | मन्या ऽ | 3 | |
| कोण जमूरा कोण मदारी.. | सेफ्टीपिन | 6 | |
| पाऊस सांजवेळी डोळ्यांत दाटलेला (आनंदकंद वृत्त) | कौस्तुभ भोसले | 10 | |
| पुण्य | अनुस्वार | 3 | |
| गणितं.. | मन्या ऽ | 5 | |
| देवा, थांबव हा कहर.... | SwapnilB.0611 | 1 | |
| डाग | कौस्तुभ भोसले | 2 | |
| त्या स्वप्नांना.. | मन्या ऽ | 5 | |
| आत्मनिर्भर | कुमार जावडेकर | 7 | |
| घे भरारी.. | मन्या ऽ | 2 | |
| मैत्री असावी... | मन्या ऽ | 5 | |
| उसणं अवसान | कौस्तुभ भोसले | 8 | |
| रंग रंग तू, रंगिलासी | खिलजि | 3 |