कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| दो डोळ्यांचे.... | शिव कन्या | 3 | |
| ...आणि या मार्गानेही खरंच जग जवळ आले | सचिन | 0 | |
| ये ये जननी.... | शिव कन्या | 0 | |
| ये ये जननी.... | शिव कन्या | 0 | |
| ये ये जननी.... | शिव कन्या | 0 | |
| ये ये जननी.... | शिव कन्या | 0 | |
| ये ये जननी.... | शिव कन्या | 0 | |
| तुझ्या भेटीला आलो दत्ता | पाषाणभेद | 0 | |
| पाहूणा पाऊस | पाषाणभेद | 1 | |
| क्लायमेट चेंज रियल आहे | पुणेरी कार्ट | 3 | |
| ओले केस | पाषाणभेद | 11 | |
| चिदंबरमच्या भेटी मनमोहन आला | महासंग्राम | 10 | |
| गंध अद्वैताचे | मायमराठी | 4 | |
| (दुपारी) | ज्ञानोबाचे पैजार | 16 | |
| दुपार | शैलेन्द्र | 23 | |
| वयास माझ्या पैंजण घालित.... | शिव कन्या | 11 | |
| दोरीवरचे कपडे | पाषाणभेद | 12 | |
| पाणी-च-पाणी | बी.डी.वायळ | 1 | |
| पहाट | दिनेश५७ | 0 | |
| पाय सरावले रस्त्याला | पाषाणभेद | 4 |