कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| सुंदरसा तो पाऊस यावा | बिपीन सुरेश सांगळे | 0 | |
| चार थेंब | मायमराठी | 6 | |
| मर्लिन मन्रो.... | जयंत कुलकर्णी | 6 | |
| श्रावण आला गं सखे | बिपीन सुरेश सांगळे | 8 | |
| कृष्णछबी | मायमराठी | 8 | |
| मिळता नजरेस नजर | अविनाशकुलकर्णी | 5 | |
| तू मी अन पाऊस | पाषाणभेद | 6 | |
| सरसर सरसर आली सर | बिपीन सुरेश सांगळे | 8 | |
| वारी | मायमराठी | 6 | |
| दुष्ट दुष्ट बायको! | अत्रुप्त आत्मा | 27 | |
| कावळा.. | प्राची अश्विनी | 8 | |
| वपा ळसमि | जालिम लोशन | 0 | |
| कविता: आज्जी माझी… | bhagwatblog | 5 | |
| पावसाच्या धारा | बिपीन सुरेश सांगळे | 0 | |
| इंद्रधनू | पाषाणभेद | 8 | |
| चंद्रयान आणि रिलेशनशिप | पुणेरी कार्ट | 8 | |
| माकडांच्या पुढे नाचली माणसे! | गंगाधर मुटे | 16 | |
| हा संभ्रम माझा | चांदणे संदीप | 4 | |
| झरझर झरझर | शिव कन्या | 16 | |
| लढली अशी कि ती जणू झुन्जीतच वाढली | खिलजि | 8 |