कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| चांदणपक्षी | विजुभाऊ | 1 | |
| हाण त्याच्या टाळक्यात : नागपुरी तडका | गंगाधर मुटे | 21 | |
| <कायकू> | विजुभाऊ | 19 | |
| ड्रीमकॅचर | चित्रा | 31 | |
| ते दिवस आता कुठे | अरूण म्हात्रे | 18 | |
| हायकू - | विदेश | 8 | |
| संततधार | अज्ञातकुल | 3 | |
| ( मावळे बुडाले कामी ) | अर्धवट | 9 | |
| अर्धवट राहिलेलं प्रेम | प्रिया ब | 4 | |
| बावळे बुडाले धामी | शरदिनी | 21 | |
| कान्हा माझ्या भुकेची वेळ आता झाली | पाषाणभेद | 3 | |
| लोकशाहि | अजातशत्रु | 2 | |
| घर पहावं बांधून | प्रिया ब | 2 | |
| आयुष्य कडेवर घेतो | गंगाधर मुटे | 5 | |
| हातामधी घे तू जरा | पाषाणभेद | 2 | |
| मैत्री | प्रिया ब | 2 | |
| आई बाबा | प्रिया ब | 7 | |
| गात येथे तू उगा का थांबलेला | विदेश | 3 | |
| १. पहिल्या भेटीचा सुगंध | गणेशा | 6 | |
| उणीव... | अभिषेक९ | 0 |