कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| बाहुली | पेशवा | 3 | |
| पाटापाटानं ग वाहतंय झुळझुळ पाणी | पाषाणभेद | 1 | |
| पावसाचा दरोडा | पाषाणभेद | 11 | |
| आला आला रे आला महिना भादवा | पाषाणभेद | 31 | |
| क्षण एक पुरे जगण्यास खरा | गंगाधर मुटे | 6 | |
| उप-वास स्पेशलः-साबुदाणा खिचडी.... | अत्रुप्त आत्मा | 63 | |
| पुन्हा एकदा पाऊस ... | विश्वेश | 1 | |
| मुक्त'पिठीय' लेख: अमेरीकेचे राष्ट्रप्रेम | पाषाणभेद | 40 | |
| मी बिनधास्त बोलू लागलो त्यांची भाषा..!! | प्रकाश१११ | 4 | |
| ती आणि ते | नगरीनिरंजन | 11 | |
| सही - | अभिजीत राजवाडे | 4 | |
| पुणेरी वाहतूक | प्रिया ब | 11 | |
| एक महाभयंकर जात | रोमना | 0 | |
| स्वप्नांचा मागोवा | दत्ता काळे | 5 | |
| आसवांची कोरीव लेणी (१३) | गणेशा | 15 | |
| उधाण | अज्ञातकुल | 4 | |
| स्वभाव (Updated Version) | अभिजीत राजवाडे | 0 | |
| संसाराची सप्तपदी मी - | विदेश | 2 | |
| नजर | निनाव | 4 | |
| भ्रष्टाचार्यास हाण पाठी : पोवाडा | गंगाधर मुटे | 4 |