कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| फुलपाखरू | अरुण मनोहर | 2 | |
| सुंदर हसली गालावर खळी | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 9 | |
| उल्का | सोनल कर्णिक वायकुळ | 10 | |
| उजाडलेच नाही आज... | निनाव | 2 | |
| समुद्र किनारा आणि मी.. | निनाव | 2 | |
| "*जग साल्या जग" | जगप्रवासी | 1 | |
| अंतर | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 19 | |
| इनो संपल्या नन्तर ..... | विजुभाऊ | 5 | |
| मिपाची हालहवाल.. | परिकथेतील राजकुमार | 42 | |
| आजकाल मुलाचा मुक्काम फेसबुकवर असतो ..!! | प्रकाश१११ | 10 | |
| चरित्र-मंथन | दैत्य | 5 | |
| सुकलेल्या मातीवर... | निनाव | 6 | |
| मावळला तो तारा... | निनाव | 3 | |
| जाग!! | निनाव | 1 | |
| ...अस्तित्व माझे | गणेशा | 7 | |
| समजत नाही.. | गवि | 9 | |
| मला काय त्याचे, मला काय त्याचे | पाषाणभेद | 2 | |
| खारूताई, खारूताई ! | विदेश | 6 | |
| रेशमाच्या गाठी | पूनम १ | 4 | |
| त्याच्या पासपोर्ट साईझ फोटोचा नकाशा ..!! | प्रकाश१११ | 9 |